सरकार के अनुसार अवैध आरोप
वित्त मंत्री और लूला के पुनर्निर्वाचन अभियान के मुख्य आर्थिक प्रवक्ता दारियो दुरिगान ने बाजार के उस रवैये पर सख्त रुख लिया जिसे वे राष्ट्रपति की राजकोषीय नीति पर समय से पहले फैसला मानते हैं। नीओफीड से बातचीत में उन्होंने कहा कि लूला के खिलाफ “राजकोषीय पूर्वाग्रह” है, जो सरकार के आंकड़ों में नहीं दिखता। यह बयान कारोबारी वर्ग की उस मांग का जवाब है कि अभियान साफ बताए कि चौथे कार्यकाल का राजकोषीय आधार क्या होगा। दुरिगान के मुताबिक, सवाल की नींव ही अन्यायपूर्ण है।
मंत्री का तर्क
दुरिगान ने कहा कि मौजूदा सरकार का राजकोषीय रिकॉर्ड बाजार की आशंकाओं से ज्यादा मजबूत है। उनका मुख्य तर्क: ठोस नतीजे पेश हो चुके हैं, और निराशावादी पाठ आंकड़ों से ज्यादा राजनीतिक अपेक्षा पर टिका है।
- सरकार सार्वजनिक वित्त में जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है;
- राजकोषीय असंतुलन को बर्दाश्त करने की धारणा गलत है;
- निजी क्षेत्र से कम पक्षपाती विश्लेषण की मांग।
कर लाभों की समीक्षा
साक्षात्कार का सबसे ठोस संकेत: सरकार कर लाभों की समीक्षा करेगी। मंत्री के अनुसार, असली प्रोत्साहन और बिना एवज के विशेषाधिकार में फर्क किया जाएगा। यह कदम राजकोषीय न्याय और राजस्व पुनर्प्राप्ति का जरिया बनेगा—लाभ पाने वाली कंपनियों और सरकार के राजनीतिक आधार, दोनों के लिए संवेदनशील। > दुरिगान का संदेश सरल है: नए नियमों से पहले मौजूदा को जांचें।
दबाव और दांव
चुनाव नजदीक आते ही पूर्वानुमान के संकेतों की मांग बढ़ी है। निवेशक चुनाव को जोखिम मानते हैं; स्पष्ट राजकोषीय खाका न होना अनिश्चितता समझा जाता है। दुरिगान भार उलट देते हैं: सरकार संकेतक दे रही है, बाजार उन्हें पहले से खारिज कर रहा है। यह बहस तकनीकी से पहले कथात्मक है।
- दुरिगान: लूला पर “राजकोषीय पूर्वाग्रह”;
- रिकॉर्ड को जवाबदेही का सबूत बताया;
- कर लाभों की समीक्षा का ऐलान;
- कारोबारियों की स्पष्टता मांग का जवाब।