ट्रिलियन डॉलर का वादा
Donald Trump ने हर वयस्क अमेरिकी को US$ 5 हजार — मौजूदा भाव पर करीब R$ 25 हजार — देने का वादा किया। शर्त साफ है: यह लाभ तभी मिलेगा जब Partido Republicano Câmara dos Representantes और Senado में बहुमत बनाए रखे। सहयोगियों ने इसे “Dividendo Trump” कहा। विशेषज्ञों के मुताबिक गणित कहीं ज्यादा जटिल है।
सरकारी खजाने पर बोझ
आकलनों के अनुसार हर वयस्क को US$ 5 हजार बांटने पर करीब US$ 1,2 ट्रिलियन खर्च होगा। यह अमेरिका के बड़े संघीय कार्यक्रमों जितनी रकम है, लेकिन वित्तपोषण का स्रोत तय नहीं है।
- अनुमानित लागत: करीब US$ 1,2 ट्रिलियन
- लक्षित वर्ग: सभी वयस्क अमेरिकी
- राजनीतिक शर्त: कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन जीत
- धन का स्रोत: स्पष्ट नहीं
स्रोत के बिना यह घाटा और महंगाई की चिंता बढ़ा सकता है।
कांग्रेस की मंजूरी जरूरी
अमेरिका में इतना बड़ा कार्यक्रम अकेले कार्यपालिका के फैसले से लागू नहीं होता। सीधे भुगतान के लिए Congresso की मंजूरी चाहिए — यानी Câmara और Senado से पारित होना। व्यवहार में यह वादा चुनावी संकेत ज्यादा है, तैयार प्रस्ताव कम। दोनों सदनों में बहुमत के बाद भी बातचीत, मतदान और स्वीकृति जरूरी होगी।
ब्राजील का समानांतर और महत्व
Brasil में मतदाता को वोट के बदले व्यक्तिगत लाभ देना अवैध वोट-स्वीकृति माना जाता है। artigo 41-A da Lei das Eleições में जुर्माना और रजिस्ट्रेशन/जनादेश रद्द हो सकता है; artigo 299 do Código Eleitoral में वोट खरीद पर चार साल तक कैद का प्रावधान है। फर्क है: अमेरिकी वादा व्यापक और राष्ट्रीय परिणाम से जुड़ा है; ब्राजील में व्यक्तिगत मतदाता को वोट के बदले लाभ देना अनियमितता है। फिर भी सार्वजनिक धन को चुनावी मुद्रा बनाना आर्थिक शक्ति के दुरुपयोग और मुकाबले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। वादा इसलिए मायने रखता है: राजकोषीय असर बाजार, ब्याज और महंगाई की उम्मीदें हिलाता है; राजनीतिक असर मतदाताओं को गोलबंद करता है। अब देखना है कि “Dividendo Trump” मंच से संसद तक पहुंच पाता है या नहीं।